{जब हो गई उनसे मुलाकात}

[१] एक अफसाना था मेरी नजरो का
    या मेरी नजर कमजोर थी
में उस मंजिल को देख भी ना पाया
जिस राह पर मुझे जाना था
  शायद लोग लिख देते है। अपने दिल की आरज़ू
उन दीवारों पे जिस की कोई परवाह नहीं।।
..................…...........
[२]बहुत अरमान है मेरे इस छोटे से दिल में
    मैंने खुद को मिटाया अपने दिल से,
अब सहा नहीं जा रहा है। दर्द दिल का
जो कल तक था इस नीले गगन का एक परिंदा।।
..............….........…...
[३]मेरा लब्ज़ जबां से
    ऐसे मिट गए
जैसे बारिश में पानी का अकाल हो
तन मन से अब में हारा
  दिल से हारा बंजारा भी हूं
शायद में बिन बारिश का सावन भी हू।।
..............................
[४] मिट गई मेरी सारी उम्मीदें
जल गया मेरे वो अरमान
   जिनकी उम्मीद में रात गुजारी
वो रात भी कुछ कम नहीं
  सोचा जी भर कर सौ जाऊ
बेरण बारिश का भी कहर था।।
.............…................
[५]जब में लिखता हूं अरमान मेरा
तो रूह कांप जाती है
जिसकी याद में हम थे
वो याद भी एक गुमराह थी।।
..........…...........…
[६] शायद मेरी आखिरी उम्मीद थी
हो जाएगी शायद उनके मुलाकात
मुझे मिली सिर्फ उनकी
  जुदाई की बातें!!
##
#हेमराज सारस्वत

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hemraj sarswat

{एक अजनबी सी मुलाकात}

💔आखिर_मुस्कराई_वो finally she smiled💔